बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के प्रति किया जागरूक

जिले के कई गांवों में गड़बड़ाते लिंगानुपात को लेकर सजग हुए प्रशासन की ओर से ब्लाक स्तर पर ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में कार्यशाला आयोजित की गई।


 

बीते साल आशा कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट में जिले के पांच दर्जन से ज्यादा गांवों में तीन माह के भीतर एक भी बेटी पैदा नहीं होने का मामला सामने आया था। गड़बड़ाते लिंगानुपात को देखते हुए प्रशासन ने इस तरह के गांवों को चिह्नित कर उन्हें रेड जोन में शामिल किया था। अब विकासखंड स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित कर लोगों को बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच हटाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मंगलवार को सीएचसी में कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें रेड जोन में शामिल गांवों के प्रधान, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता शामिल हुए। चिकित्सा अधीक्षक डा. निधि रावत ने कहा कि बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच के कारण ही कन्या भ्रूण हत्या जैसी घटनाएं होती हैं, जिससे लिंगानुपात गड़बड़ाता है।
इस मौके पर बेहतरीन कार्य करने वाली एएनएम सुधा रावत, आशा फेसिलिटेटर कुसुम रावत, आशा कार्यकर्ता सुखदेई एवं सुषमा को सम्मानित किया गया। कार्यशाला में बाल विकास परियोजना अधिकारी भारती भंडारी, खंड शिक्षा अधिकारी आरवी सिंह, पुलिस चौकी इंचार्ज प्रदीप तोमर, डा. रफी आदि ने भी जानकारी दी।